Call Us: 0141-2570428-31
[rev_slider_vc alias=”mt_home_slider”]

श्रुति मण्डल : एक स्वर यज्ञ

संगीत संस्कारों को परिष्कृत करता है, मन की मलिनता का प्रक्षालन कर उसे निर्मल बनाता है, चंचल एवं विचलित चित्त को शांति एवं सुकून देता है। यह आत्मा का भोजन है और हमारी हिंसक प्रवृत्ति का शमन कर सद्वृतियों का विकास कर अनुशासित एवं सुसंस्कृत बनाता है। संगीत एक दूसरे को जोडकर सौहार्द का वातावरण बनाता है तथा जीवन को सरस, समरस बनाकर उसे लय प्रदान करता है। तभी तो कहा गया है-आगे पढ़ें
11 सितम्बर, 1955 को राजस्थान तरुण कलाकार परिषद की स्थापना हुई | कौशल भार्गव इस संस्था के संस्थापक सदस्य थे | 17 अगस्त, 1964 को श्रुति मंडल की स्थापना हुई | कौशल भार्गव जीवन पर्यन्त श्रुति मंडल के सचिव रहे | सन 1997, में वे राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष बने तथा 21 फरबरी, 1998 को यह संगीत साधक नादब्रम्ह में बिलिन हो गया |

आने वाले कार्यक्रम